Navratri Kyu Manaya Jata Hai ( शुभ नवरात्रि क्यों मनाई जाती है )

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Navratri Kyu Manaya Jata Hai ( शुभ नवरात्रि क्यों मनाई जाती है )
Navratri Kyu Manaya Jata Hai ( शुभ नवरात्रि क्यों मनाई जाती है )

नवरात्रि हिंदुओं के सर्वश्रेष्ट त्यौहारों में से एक हैं Navratri के दिनों में माँ दुर्गा के नौ स्वरुपों की पूजा की जाती हैं नवरात्रि का त्यौहार साल भर में दो बार मनाया जाता हैं पहले नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि कहते हैं और दूसरे नवरात्रि को शरद नवरात्रि कहते हैं क्या आप जानते हैं।

कि नवरात्रि का त्यौहार क्यों मनाया जाता हैं क्या आप को पता हैं कि क्यों साल भर में दो बार नवरात्रि मनाई जाती हैं, आप के इन्ही सवालों का जवाब देने के लिए तथा नवरात्रि के महत्व को समझाने के लिए आज हम आप के लिये ये आर्टिकल लेकर आये हैं।

दोस्तों हम सब जानते है कि अब Navratri यानी दुर्गा पूजा आने में बहुत कम समय बचा हैं अगर पिछले वर्षो की बात करे तो अब तक दुर्गा पूजा की तैयारी बहुत जोरों शोरो से शुरू हो जाती थी पर इस साल हमारे देश मे भयानक संकट के वजह से हमारे देश के सरकार ने अन्य त्योहारों के तरह दुर्गा पूजा को भी छोटे मोटे तरीके से ही मनाने का ऐलान किया हैं।

साथ ही ये बात भी सुनने में आई हैं कि इस वर्ष माँ दुर्गा के मूर्ति स्वरूप की पूजा नहीं की जाएगी केवल कलश स्थापना करके उनकी अर्चना की जाएगी ऐसे में मेरे तरह जो लोग है जिन्हें नवरात्रि बहुत ज्यादा पसंद हैं उनके लिए हम यह आर्टिकल लेकर आये हैं जिसमे हम इन नवरात्रि के असल मायने यानी इसका महत्व आप को बता सके जिससे की वे लोग दुःखी न होकर खुशी व सच्चे मन से नवरात्रि में माँ दुर्गा की अर्चना कर सके।

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Navratri क्या है ?

नवरात्रि हिंदुओं द्वारा मनाया जाने वाला एक त्योहार हैं इसमें माँ दुर्गा के नौ रूपो की पूजा की जाती हैं नौ दिनों में माता के अलग अलग स्वरूप को पूजा जाता हैं हर स्वरूप के साथ अलग अलग कहानियां जुड़ी हुई हैं इन नौ दिनों में माँ की पूजा बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ किया जाता हैं औरतें नवरात्रि का व्रत रखती हैं और व्रत में ही माँ की आराधना करती हैं।

लोक कथाओं की माने तो ऐसा कहा जाता हैं कि जब महिषासुर शिव जी से वरदान पाने के लिये कई सालों तक उनकी आराधना कर रहे थे तब शिव जी उनकी आराधना से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान देते हैं वरदान प्राप्त हो जाने के बाद महिषासुर पूरे ब्रम्हांड में त्राहि त्राहि मचा देता हैं और देवताओं पर भी आक्रमण करता हैं महिषासुर से परेशान होकर सभी देवता त्रिदेव के पास जाते हैं।

फिर शिव जी माता पार्वती के अंदर छुपे शक्तियों का ज्ञान उन्हें करवाते हैं और उनके अंदर माँ दुर्गा को प्रकट करते हैं सारे देवी देवता माँ दुर्गा को अपने अपने शस्त्र देते हैं शिव जी त्रिसूल विष्णु जी चक्र शस्त्रों से सजकर माँ दुर्गा और महिषासुर का युद्ध नौ दिनों तक चलता है दसवे दिन माँ दुर्गा महिषासुर का वध कर देती हैं और वो दिन शुभ दसमी या दशहरा के नाम से जाना जाता हैं।

लोक कथाओं में ऐसा भी माना जाता हैं कि माँ दुर्गा नवरात्रि के नौ दिन के शुरुआत में अपने ससुराल से अपने मायके आती हैं जहाँ उन्हें बहुत प्यार से रखा जाता हैं और उनकी आराधना की जाती हैं नौ दिनों तक माता की पूजा करके दसवे दिन यानी दसहरा के दिन उन्हें वापस उनके ससुराल भेजा जाता हैं ये कहकर की अगले साल माँ फिर वापस आइयेगा।

नवरात्रि के नौ दिनों के पूजा के विषय में ऐसी बहुत सी लोक कथाये प्रचलित हैं।

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Navratri क्यों मनाई जाती है ?

चलिये अब जानते हैं कि नवरात्रि आखिर मनाया क्यों जाता हैं नवरात्रि मनाने के कारण के विषय बात करे तो ये सवाल आता हैं कि आखिर नवरात्रि साल में दो बार क्यों मनाई जाती हैं।

साल में दो बार नवरात्रि मनाने का सबसे बड़ा कारण यह हैं कि नवरात्रि के समय प्रकृति में एक बड़ा बदलाव आता हैं एक मौसम खत्म होता हैं दूसरे मौसम की शुरुआत होती हैं पहले नवरात्रि या चैत्र नवरात्रि के समय वसन्त ऋतु खत्म होता हैं और ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत होती हैं वेसे ही दूसरे नवरात्रि में ग्रीष्म ऋतु खत्म होता हैं और शरद ऋतु की शुरूआत होती हैं।

यह कारण तो प्रकृति में आये परिवर्तन को दर्शाती हैं पर लोक कथाओं के अनुसार इसका कारण दूसरा हैं चैत्र नवरात्रि को राम नवमी कहा जाता हैं ऐसा माना जाता हैं कि रावण से लड़ने से पहले राम जी ने व्रत रखकर माँ दुर्गा की नौ दिनों तक पूजा की थी और दसवे दिन रावण के साथ युद्ध मे रावण का वध किया था इसीलिए राम जी के नाम पर चैत्र नवरात्रि को रामनवमी कहा जाता हैं।

शरद नवरात्रि में माँ दुर्गा के नव दुर्गा के नौ रूपों की पूजा नौ दिन की जाती हैं शरद नवरात्रि दुर्गा पूजा के नाम से जानी जाती हैं ऐसा कहा जाता हैं कि शरद नवरात्रि में माँ दुर्गा नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध करती हैं और दसवे दिन महिषासुर का वध कर देती हैं।

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नवरात्री में किये जाने वाले कार्यक्रम ?

Navratri के दिनों में लोग अपने घरों में कलश स्वरूप में माता को स्थापित करते हैं और हर्ष उल्लास के साथ उनकी पूजा करते हैं नवरात्रि में लोग माँ दुर्गा का व्रत रखते है।

अपने अपने घरों में माँ दुर्गा का पाठ करते हैं नवरात्रि के नौ दिनो में माता के नौ स्वरूप माँ शैलपुत्री, माँ ब्रह्मचारिणी, माँ चंद्रघंटा, माँ कुष्मांडा, माँ स्कंद माता, माँ कात्यायनी, माँ कालरात्रि, माँ महागौरी और माँ सिद्धिदात्री की पूजा की जाती हैं नवरात्रि के नौवे दिन लोग नौ कन्याओं को माँ दुर्गा का रूप मानकर उन्हें भोजन कराते हैं और उनकी सेवा करते हैं।

नवरात्रि केवल घरों में नही मनाई जाती है नवरात्रि में लोग जगह जगह पर पंडाल बनाकर माता के मूर्ति स्वरूप को विराजते हैं और उनकी पूजा करते हैं कोलकाता जैसा दुर्गा पूजा पूरी दुनिया में कही नहीं मनाई जाती कोलकाता में दुर्गा पूजा यानी नवरात्रि के समय एक अलग ही वातावरण छाया रहता है दूर दूर से लोग कोलकाता का दुर्गा पूजा देखने आते हैं कोलकाता में दुर्गा पूजा बहुत भव्य तरीके से मनाया जाता हैं।

Navratri के नौ दिन हमे बुराई पर अच्छाई की जीत और निकाल में रोशनी की जीत को सम्बोधित करती हैं।

दोस्तों मुझे आशा हैं कि आप सब को यह आर्टिकल पसन्द आया होगा आप इसे अपने दोस्तों व रिस्तेदारों के साथ भी शेयर कीजिये और जितना हो सके उतना इसके महत्व को लोगो तक पहुचाइए ताकि कोई भी इस वर्ष दुखी न हो बल्कि हर बार के तरह इस बार भी खुशी और प्रेम से नवरात्रि में माँ दुर्गा की पूजा करे धन्यवाद।

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